भारत में बेरोजगारी की समस्या को कम करने और युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (National Apprenticeship Promotion Scheme – NAPS) की शुरुआत की गई। यह योजना युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने का एक उत्कृष्ट प्रयास है।
Objective and significance of the scheme
राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (NAPS) का मुख्य उद्देश्य युवाओं को ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण देकर उनके कौशल को विकसित करना है। यह योजना न केवल युवाओं को प्रशिक्षित करती है, बल्कि उद्योगों को भी कुशल श्रमिक प्रदान करती है। 2016 में शुरू की गई इस योजना का लक्ष्य 2026 तक लाखों युवाओं को लाभान्वित करना है।
Key objectives of the scheme:
- शिक्षुता को बढ़ावा देना: अधिक से अधिक युवाओं को अप्रेंटिसशिप से जोड़ना।
- कौशल विकास: युवाओं को उद्योगों के लिए तैयार करना।
- रोजगार सृजन: अप्रेंटिसशिप पूरी होने के बाद स्थायी नौकरी दिलाने में मदद करना।
- आत्मनिर्भर भारत: युवाओं को स्वावलंबी बनाना और देश के आर्थिक विकास में योगदान देना।
Benefits for youth and companies
इस योजना के तहत युवाओं और कंपनियों दोनों को कई फायदे मिलते हैं:
Benefits for youth:
- ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग: इंडस्ट्री में वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त करने का मौका।
- वेतन सहायता: सरकार द्वारा 25% स्टाइपेंड (अधिकतम ₹1500 प्रति माह) दिया जाता है।
- सर्टिफिकेट: अप्रेंटिसशिप पूरी करने पर प्रमाणपत्र मिलता है, जो रोजगार की संभावना बढ़ाता है।
- रोजगार अवसर: अप्रेंटिसशिप पूरी होने पर स्थायी नौकरी मिलने की संभावना अधिक होती है।
- अल्पकालिक प्रशिक्षण: 6 महीने से 2 साल तक की अवधि वाले कोर्स उपलब्ध हैं।
Benefits for Companies and Industries:
- वित्तीय सहायता: सरकार प्रशिक्षुओं के वेतन का 25% (₹1500 प्रति माह) देती है।
- कुशल श्रमिक: कंपनियों को प्रशिक्षित कर्मचारी मिलते हैं, जिससे उनकी उत्पादकता बढ़ती है।
- CSR योगदान: कंपनियां इस योजना का लाभ उठाकर कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) में योगदान कर सकती हैं।
- भर्ती लागत में कमी: प्रशिक्षुओं से कंपनियों की नियुक्ति प्रक्रिया पर खर्च कम होता है।
Eligibility and Application Process
Ability:
- न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता: 8वीं पास, 10वीं/12वीं पास, आईटीआई, डिप्लोमा या स्नातक।
- आयु सीमा: न्यूनतम 14 वर्ष या उससे अधिक।
- बेरोजगार युवा, कॉलेज और स्कूल से पासआउट छात्र, आईटीआई और पॉलिटेक्निक छात्र आवेदन कर सकते हैं।
Application Process:
Online Application:
- NAPS पोर्टल पर जाएं।
- “Candidate Registration” विकल्प पर क्लिक करें।
- व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और बैंक खाता विवरण भरें।
- उपलब्ध अप्रेंटिसशिप कार्यक्रमों की सूची देखें और इच्छित विकल्प चुनें।
- आवेदन सबमिट करें। स्वीकृति मिलने पर कंपनी द्वारा संपर्क किया जाएगा।
Offline Application:
- नजदीकी आईटीआई या अप्रेंटिस ट्रेनिंग सेंटर जाएं और फॉर्म प्राप्त करें।
- आवश्यक दस्तावेज़ जैसे आधार कार्ड, शैक्षणिक प्रमाणपत्र आदि साथ रखें।
- फॉर्म भरकर जमा करें। चयन होने पर ट्रेनिंग शुरू होगी।
Success of the scheme and future prospects
अब तक लाखों युवाओं ने इस योजना का लाभ उठाया है। कई प्रतिष्ठित कंपनियां जैसे मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, रिलायंस आदि इस योजना में भाग ले रही हैं।
Suggestions for improvement:
- ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाना।
- स्टाइपेंड राशि बढ़ाकर ₹3000 प्रति माह करना।
- छोटे एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को प्रशिक्षु रखने के लिए प्रोत्साहित करना।
Problem Solving Center
यदि किसी उम्मीदवार या कंपनी को योजना से संबंधित कोई समस्या हो तो वे निम्नलिखित माध्यमों से शिकायत दर्ज करा सकते हैं:
- NAPS पोर्टल पर “Grievance” सेक्शन में शिकायत दर्ज करें।
- हेल्पलाइन नंबर: 1800-123-9626
- ईमेल: [email protected]
निष्कर्ष
राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (NAPS) भारत सरकार का एक क्रांतिकारी कदम है जो युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के साथ-साथ उद्योगों को कुशल श्रमिक प्रदान करता है। यदि आप भी अपने कौशल का विकास करना चाहते हैं या रोजगार की तलाश में हैं, तो इस योजना का लाभ उठाएं। आज ही NAPS पोर्टल पर आवेदन करें और अपने करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं!