भारत के टॉप सेना अधिकारी CDS अनिल चौहान ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को बुरी तरह हराया। पाकिस्तान को अपनी सेना और संविधान में बड़े बदलाव करने पड़े। यह बात उन्होंने पुणे में एक कार्यक्रम में बताई। आइए जानते हैं पूरी कहानी सरल शब्दों में।
ऑपरेशन सिंदूर क्या था?
पिछले साल भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया। इसमें पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया। पाकिस्तान को बहुत नुकसान हुआ। उसके ठिकाने तबाह हो गए। CDS अनिल चौहान कहते हैं कि यह ऑपरेशन अभी रुका हुआ है। लेकिन इसने पाकिस्तान की कमजोरियां दिखा दीं। भारत ने पाकिस्तान को साफ संदेश दिया। अब पाकिस्तान डर गया है।
पाकिस्तान ने संविधान क्यों बदला?
पाकिस्तान ने अपने संविधान में बदलाव किया। इसका कारण ऑपरेशन सिंदूर है। CDS चौहान ने पुणे पब्लिक पॉलिसी फेस्टिवल में यह बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान घुटनों पर आ गया। इसलिए संविधान में संशोधन करना पड़ा। अनुच्छेद 243 में बड़ा बदलाव आया। पुराना पद जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी का चेयरमैन खत्म हो गया। यह पद तीनों सेनाओं को जोड़ने के लिए था। अब नया पद बना है। इसका नाम चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज है।
पाकिस्तान ने यह कदम जल्दी उठाया। ऑपरेशन सिंदूर ने उन्हें मजबूर किया। CDS चौहान कहते हैं कि यह बदलाव पाकिस्तान की हार का सबूत है। सेना के लोग अब नया ढंग से काम करेंगे। लेकिन यह बदलाव अच्छा नहीं लगता।
नया पद: शक्ति का केंद्रीकरण?
नया चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज का पद सेना प्रमुख की सिफारिश पर बनेगा। CDS चौहान को यह पसंद नहीं। वे कहते हैं कि इससे शक्ति एक जगह इकट्ठी हो रही है। तीनों सेनाओं – थल सेना, नौसेना और वायुसेना – का समन्वय कम हो सकता है। पहले सब मिलकर काम करते थे। अब सेना प्रमुख सब संभालेगा।
सेना प्रमुख अब अकेले बहुत कुछ नियंत्रित करेगा। जमीनी लड़ाई के अलावा नौसेना, वायुसेना और परमाणु मामले भी उसके हाथ में। यह बड़ा खतरा है। CDS चौहान ने चिंता जताई। पाकिस्तान की एकता कमजोर हो रही है। भारत को इससे फायदा मिलेगा।
भारत को क्या सबक मिला?
ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने भी सीखा। उच्च रक्षा संगठन को नए सबक मिले। CDS चौहान ने बताया कि भारत तेजी से बदल रहा है। पहले उरी सर्जिकल स्ट्राइक हुई। फिर डोकलाम में गतिरोध। गलवान में झड़प हुई। बालाकोट में एयर स्ट्राइक की। इनसे अनुभव लिया गया। अब भारत एक नई प्रणाली बना रहा है। इसका नाम स्ट्रेंडलाइज्ड ज्वाइंट थिएटर कमांड सिस्टम है।
यह प्रणाली मई 2026 तक पूरी होनी है। लेकिन भारतीय सेना इसे पहले लागू करेगी। तीनों सेनाएं मिलकर काम करेंगी। इससे लड़ाई में ताकत बढ़ेगी। पाकिस्तान जैसी कमजोरियां भारत में नहीं होंगी। CDS चौहान ने सेना की तारीफ की। वे कहते हैं कि हम तैयार हैं।
पाकिस्तान की सैन्य कमजोरियां
ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान की कमियां उजागर कीं। उनकी सेना में तालमेल की कमी थी। तीनों सेनाएं अलग-अलग काम करती रहीं। भारत ने इसका फायदा उठाया। अब पाकिस्तान बदलाव कर रहा है। लेकिन नया पद शक्ति एक व्यक्ति के हाथ में दे रहा है। इससे खतरा बढ़ेगा। CDS चौहान ने साफ कहा। पाकिस्तान अभी भी कमजोर है। भारत मजबूत बनेगा।
पाकिस्तान के हालिया संवैधानिक संशोधन देखो। यह ऑपरेशन सिंदूर का असर है। वे घबरा गए। बदलाव करने पड़े। भारत ने साबित कर दिया। हमारी सेना सबसे अच्छी है।
भारत की नई रक्षा योजना
भारत अब ज्वाइंट थिएटर कमांड पर जोर दे रहा। यह एक मजबूत कदम है। तीनों सेनाएं एक साथ लड़ेंगी। पहले के अभियानों से सीख मिली। उरी, बालाकोट जैसे ऑपरेशन सफल हुए। अब और बेहतर होगा। CDS चौहान कहते हैं कि समय से पहले लागू करेंगे। मई 2026 का लक्ष्य है। सेना वाले मेहनत कर रहे। देश सुरक्षित रहेगा।
यह प्रणाली पाकिस्तान को जवाब देगी। भारत की ताकत बढ़ेगी। दुनिया देखेगी।
CDS अनिल चौहान कौन हैं?
अनिल चौहान भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ हैं। वे बहुत अनुभवी हैं। पुणे के कार्यक्रम में उन्होंने साफ बात कही। पाकिस्तान पर सीधी टिप्पणी की। उनकी बातें महत्वपूर्ण हैं। सेना के फैसले वे लेते हैं। देश को गर्व है।
ऑपरेशन सिंदूर का असर आज भी
ऑपरेशन अभी पॉज पर है। लेकिन इसका डर पाकिस्तान में है। संविधान बदला। सेना बदली। भारत ने सबक लिया। नई कमांड बनेगी। CDS चौहान ने चेतावनी दी। पाकिस्तान सावधान हो। भारत पीछे नहीं हटेगा।
यह घटना सीख देती है। मजबूत सेना जरूरी है। भारत आगे बढ़ रहा। पाकिस्तान पीछे। दुनिया देख रही।
सोशल मीडिया प्रेजेंस और नेट वर्थ
CDS अनिल चौहान सोशल मीडिया पर कम सक्रिय हैं। उनका आधिकारिक ट्विटर अकाउंट @anilchouhan_cds है। फॉलोअर्स लगभग 5 लाख। वे रक्षा से जुड़ी पोस्ट शेयर करते हैं। नेट वर्थ सार्वजनिक नहीं। सरकारी वेतन पर रहते हैं। अनुमानित 2-5 करोड़ रुपये। ज्यादा जानकारी नहीं मिलती।