भारत में रेल सेवा तेजी से बदल रही है। रफ्तार, आराम और स्वाद को एक साथ लाने की कोशिश हो रही है। इस भाग में देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पश्चिम बंगाल के मालदा नगर से असम के गुवाहाटी तक यह ट्रेन चलेगी। लंबी रात की यात्रा में यात्रियों को आरामदायक स्लीपर कोच और स्वादिष्ट भोजन भी मिलेगा। लेकिन खाने में क्या मिलेगा और क्या इसके लिए अलग से पैसे देने होंगे, यह सबसे बड़ा सवाल है। हम इस रिपोर्ट में हर सवाल का सरल उत्तर देंगे।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन क्या है?
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन खास तौर पर रात की लंबी यात्राओं के लिए बनाई गई है। इसमें बैठने और सोने की पूरी सुविधा भी है। कोचों को पूरी तरह वातानुकूलित किया गया है। नए डिजाइन के बर्थ और सीटें हैं। खास ध्यान रखा गया है कि सफर के दौरान शोर कम रहे, प्रकाश सही रहे और यात्रियों को चैन की नींद मिले। यह ट्रेन हावड़ा से कामाख्या के बीच करीब 1000 किलोमीटर चलेगी।
यह ट्रेन किन शहरों में जाएगी?
भारत की पहली स्लीपर ट्रेन मालदा शहर से गुवाहाटी के बीच चलेगी। यह मार्ग पूर्वी भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। पश्चिम बंगाल और असम के बीच इस ट्रेन से सफर करना आसान और तेज होगा। अब यात्रियों को लंबी रात की यात्रा में होटल की तरह आराम मिलेगा।
खाना इतना चर्चा का विषय क्यों है?
खाना सबसे पहले आता है जब कोई नई ट्रेन शुरू होती है। लोग चाहते हैं कि खाना साफ होगा, स्वाद अच्छा होगा या नहीं। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में खाना अधिक चर्चा में है क्योंकि इसे लग्जरी ट्रेन माना जाता है। यात्रियों को उम्मीद है कि यहां सामान्य ट्रेन की तुलना में बेहतर भोजन मिलेगा।
किस कंपनी को कैटरिंग का ठेका मिला?
इस ट्रेन में खाना बनाने का काम असम की प्रसिद्ध मेफेयर स्प्रिंग वैली रिसॉर्ट कंपनी का है। यह खुद कंपनी ने प्रमाणित किया है। यात्रियों को खाना बनाने और परोसने की जिम्मेदारी इस कंपनी की होगी। इसके लिए कंपनी ने भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम से सहयोग किया है। IRCTC देश की कई ट्रेनों में भोजन की व्यवस्था करता है।
क्या टिकट में भोजन का खर्च शामिल है?
यह सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न है। वास्तव में, हां। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में खाने का खर्च सिर्फ टिकट पर है। यात्रियों को अलग से कोई धन नहीं देना पड़ेगा। AC Three का किराया 2,999 रुपये है। 5 प्रतिशत जीएसटी इस पर अलग से लगेगा। लेकिन आपका खाना भी इस पूरी रकम में शामिल है। यानी सफर के दौरान खाना लेकर जेब भरने की जरूरत नहीं होगी।
टिकट बुकिंग की विशिष्ट शर्त
इस ट्रेन में टिकट खरीदने की एक विशिष्ट शर्त है। यहां सिर्फ 400 किलोमीटर का टिकट बुक किया जा सकता है। इससे छोटी दूरी के टिकट नहीं मिलेंगे। रेलवे ने यह नियम बनाया क्योंकि उसे लगता है कि यह ट्रेन लंबी दूरी के यात्रियों के लिए है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के खाद्य पदार्थ
अब सबसे स्वादिष्ट भाग की बात करेंगे। इस ट्रेन में यात्रियों को असम और पश्चिम बंगाल के पारंपरिक भोजन मिलेंगे। स्थानीय सामग्री से खाना बनाया जाएगा। बसंती पुलाव, बंगाल की पहचान, मेनू में शामिल है। इसमें मूंग दाल और छोलार दाल भी होंगे। छनार यानी पनीर और ढोकार दालना भी परोसे जाएंगे।
असमिया जोहा चावल असम का स्वाद दिखाता है। साथ में मसूर दाल और मती मोहोर होगी। मौसमी सब्जियों की भाजी भी मेनू में शामिल है। मिठाई में संदेश, नारियल बर्फी और रसगुल्ला शामिल हैं। रात की यात्रा में भूख कम करने के लिए यह खाना कम मसालेदार होगा।
रात की यात्रा के लिए तैयार खाना
कम्पनी का कहना है कि मेन्यू खास तौर पर रात की यात्रा को ध्यान में रखकर बनाया गया है। भोजन स्वादिष्ट होगा। कम मसाले मिलेंगे। मौसमी सामग्री का उपयोग किया जाएगा। यह खाना पारंपरिक तरीकों से पकाया जाएगा ताकि स्वाद भी बना रहे और सेहत भी बना रहे। मेफेयर स्प्रिंग वैली रिसॉर्ट के प्रबंध निदेशक रतन शर्मा ने कहा कि हर भोजन बहुत सावधानीपूर्वक बनाया गया है। इसमें असम और बंगाल के वास्तविक स्वाद को आज की लोकप्रियता के साथ मिलाया गया है।
ट्रेन कोच और उसकी क्षमता
कामाख्या वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में 16 कोच होंगे। इनमें पहला AC, दूसरा AC और तीसरा AC शामिल हैं। सभी कोच वातानुकूलित हैं। इस ट्रेन में करीब 823 लोग सफर कर सकते हैं या सो सकते हैं। सुरक्षा और साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
यात्रियों को क्या प्रभावित करेगा
पूर्वी भारत के यात्रियों को इस ट्रेन के शुरू होने से बहुत फायदा होगा। अब लंबी दूरी का सफर थकाने वाला नहीं होगा। रात को अच्छी नींद आएगी। सुबह ताजगी से मंजिल पर पहुंच सकेंगे। साथ ही स्थानीय खाना सफर को और भी खास बना देगा।
Presence and Net Worth in Social Media
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन अपने आप को एक ब्रांड बना रहा है। इसकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर फैल रहे हैं। इसके इंटीरियर, सीट डिजाइन और भोजन की बहुत चर्चा हो रही है। इस ट्रेन से जुड़ी जानकारी रेलवे और IRCTC के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगातार दी जाती है। नेट वर्थ के मामले में, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सीधे किसी व्यक्ति की आय से नहीं जुड़ी है। भारत सरकार और भारतीय रेलवे ने इसे एक महत्वपूर्ण योजना बताया है। देश की बेहतर कनेक्टिविटी, यात्रियों की सुविधा और आधुनिक रेल प्रणाली में इसका मूल्य छिपा है।
उत्कर्ष
भारतीय रेलवे के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन एक महत्वपूर्ण सुधार है। इसमें स्वाद, रफ्तार और आराम है। यात्रियों को टिकट में खाने का पैसा मिलना अच्छा लगता है। इस यात्रा को असम और बंगाल के पारंपरिक भोजन बनाएंगे। लंबी रात की यात्रा करना चाहते हैं तो वंदे भारत स्लीपर ट्रेन एक शानदार विकल्प बनकर आई है।