Dilip Kumar की पहली और आख़िरी डायरेक्टोरियल फ़िल्म ‘Kalinga’ हो सकती है रिलीज़

Dilip Kumar की पहली और आख़िरी डायरेक्टोरियल फ़िल्म ‘Kalinga’ हो सकती है रिलीज़

लीजेंड्री एक्टर Dilip Kumar ने अपने करियर में कई क्लासिक फ़िल्में दी हैं, जो भारतीय सिनेमा के लिए किसी धरोहर से कम नहीं हैं। कम ही लोग जानते होंगे कि Dilip साहब ने एक फ़िल्म Kalinga का निर्देशन भी किया था, मगर यह फ़िल्म रिलीज़ नहीं हो सकी थी। अब उनके निधन के बाद इंडस्ट्री में इस फ़िल्म को रिलीज़ करने की चर्चाएं छिड़ गयी हैं। हालांकि, सही तस्वीर अभी सामने नहीं आ सकी है।

Kalinga Dilip Kumar की पहली और आख़िरी फ़िल्म है, जिसका उन्होंने निर्देशन किया था। यह मल्टीस्टारर फ़िल्म थी, जिसे Dilip Kumar ने 1992 में प्लान किया था। फ़िल्म की घोषणा स्टार कास्ट के साथ हो गयी थी और काफ़ी शूट भी हो चुकी है।

फ़िल्म में राज बब्बर, राज किरण, मीनाक्षी शेषाद्रि और शिल्पा शिरोडकर के अलावा पंजाबी कलाकार अमितोज मान भी मुख्य स्टार कास्ट में शामिल थे। इस फ़िल्म की एक तस्वीर शिल्पा ने इंस्टाग्राम के ज़रिए साझा भी की थी। इसके साथ उन्होंने लिखा था- उम्रभर के लिए एक याद।

Dilip साहब के निधन के बाद से ही इस फ़िल्म की रिलीज़ को लेकर चर्चा शुरू हो गयी थी। फ़िल्म के राइट्स प्रो़ड्यूसर संगीता अहीर के पास हैं। संगीता ने ईटाइम्स से बातचीत में कहा कि Kalinga उनके पास है। Dilip जी की पहली और आख़िरी निर्देशकीय फ़िल्म किसी भी फ़िल्ममेकर के लिए एनसाइक्लोपीडिया है, जिस तरह से उन्होंने इसे शूट किया है।
संगीता ने बताया कि Kalinga शुरू करने के बाद उन्होंने कोई प्रोजेक्ट हाथ में नहीं लिया। इस फ़िल्म के लिए वो काफ़ी समर्पित थे। यह उनका सपना था। देखते हैं कि फ़िल्म कितनी जल्दी रिलीज़ हो सकती है।

सीनियर फ़िल्म जर्नलिस्ट एस रामाचंद्रन ने जागरण डॉट कॉम से Kalinga के बारे में कहा- “Kalinga Dilip Kumar की मेहनत का बेमिसाल नमूना है। मैंने उन्होंने इस फ़िल्म पर कड़ी मेहनत करते हुए देखा है… एक-एक बारीक़ी पर ध्यान देते हुए देखा है। बहुत से एक्टर, जो निर्देशक बने, उन्होंने अंदाज़ा नहीं होता कि निर्देशन क्या है या क्या था।

लेकिन, यूसुफ़ साहब पहले परफेक्शनिस्ट थे। हालांकि, वो परफेक्ट डायरेक्टर थे या नहीं, यह तो तभी पता चलेगा, जब Kalinga बॉक्स ऑफ़िस पर उतरेगी।” बता दें, भारतीय सिनेमा के थेस्पियन कहे जाने वाले Dilip साहब का निधन 7 जुलाई को 98 साल की उम्र में हुआ था। उन्हें सांस की तकलीफ़ की वजह से अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।