आज हम हर दिन डिजिटल भुगतान करते हैं। हम झट से UPI ऐप खोलकर चाहे सब्जी खरीदना हो, बिजली का बिल भरना हो या किसी दोस्त को पैसे भेजना हो। लेकिन अब साइबर ठग इसी तेजी का लाभ उठा रहे हैं। नवीनतम डिजिटल स्कैम पहले से कहीं अधिक चालाक और घातक है। इस स्कैम में शामिल ठग न तो कोई लिंक भेजते हैं और न आपसे पैसे मांगते हैं। वे खुद अपने पैसे आपके अकाउंट में डालते हैं और फिर कुछ ही सेकंड में आपका पूरा अकाउंट भर देते हैं। इसलिए, अगर आपके फोन में BHIM, PhonePe, Paytm या Google Pay जैसे UPI ऐप हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
क्या UPI का नवीनतम डिजिटल स्कैम है?
पुराने स्कैम से यह नया बिल्कुल अलग है। भ्रष्ट लोग पहले फर्जी कॉल करते थे। वे कहते थे कि अगर आपका बैंक अकाउंट बंद हो जाएगा, तो आपका KYC अपडेट करना होगा। कभी-कभी वे OTP की मांग करते थे। कभी-कभी नकली लिंक भेजे जाते थे। लेकिन खेल अब अलग है।
इस नए तरीके में ठग पहले आपके खाते में कुछ पैसे डालते हैं। 10 रुपये, 50 रुपये या 100 रुपये आ सकते हैं। लोग अचानक पैसे मिलने से खुश हो जाते हैं। उन्हें लगता है कि शायद किसी ने गलती से पैसे भेजे हैं।
ठगी की कहानी इस स्थान से शुरू होती है।
कैसे यह स्कैम काम करता है?
कुछ देर बाद आपको एक मैसेज या कॉल मिलता है जब आपके खाते में पैसे आते हैं। मैसेज बैंक की तरह लगता है। भाषा भी ऐसी है। कॉल करने वाले व्यक्ति बहुत शांत होते हैं। वह कहता है कि पैसे गलत तरीके से भेजे गए हैं। वह आपसे अपना अकाउंट चेक करने और पैसे वापस करने की मांग करता है।
बहुत बार लोगों को लगता है कि सामने वाला सच बोल रहा है। वे सहयोग देना चाहते हैं। कॉल करने वाला कहता है कि आप बैलेंस चेक करने के लिए अपना UPI ऐप खोलिए। एक भुगतान अनुरोध आपके फोन पर पहले से ही आता है जैसे ही आप ऐप खोलें और पिन करें।
आपको लगता है कि आप बस बैलेंस देख रहे हैं। लेकिन आप असल में उस भुगतान रिक्वेस्ट को स्वीकार कर रहे होते हैं। पैसे पिन डालते ही आपके खाते से कट जाते हैं। अक्सर पूरा बैलेंस दिखाई देता है।
गलती इतनी जल्दी हो जाती है कि कोई नहीं जानता कि गलती कब हुई।
यह प्रक्रिया अधिक खतरनाक क्यों है?
इस स्कैम में लालच नहीं होता, जो इसकी सबसे बड़ी विशेषता है। इनाम का कोई वादा नहीं है। लॉटरी नहीं है। कोई भय नहीं दिखाई देता। इसलिए लोगों को कोई संदेह नहीं है।
लोगों का मानना है कि दूसरा व्यक्ति अपनी गलती को सुधारना चाहता है। वे ऐप जल्दी खोलते हैं। वे पिन करें। और सिर्फ वहीं गलती होती है।
यह भी आम है कि लोग अकाउंट में पैसे आने पर पहले चेक करें। यही कारण है कि वे इतनी जल्दी ठग के जाल में फंस जाते हैं।
सरकारी प्रयासों और ठगों की चाल
सरकार ने ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। साथ ही बैंक लोगों को जागरूक कर रहे हैं। मैसेज में किसी को OTP या पिन नहीं बताने की चेतावनी दी जाती है। लेकिन साइबर अपराधी भी नए तरीके खोज रहे हैं।
जब एक रास्ता बंद हो जाता है, वे एक और रास्ता खोजते हैं। इसलिए हमें भी अधिक सावधान रहना होगा। सिर्फ सरकार या बैंक पर भरोसा करने से कुछ नहीं होगा। हमें अपने आप को समझदार दिखाना होगा।
छोटी सी गलती, बड़ी क्षति
डिजिटल दुनिया में कुछ भी गलत करना बहुत भारी पड़ सकता है। अगर आपने बिना सोचे-समझे पिन डाल दिया, तो आपके महीनों की कमाई कुछ सेकंड में गायब हो सकती है।
अक्सर लोगों ने हजारों और लाखों रुपये खो दिए हैं। वे बाद में पुलिस से शिकायत करते हैं। बैंक से मदद की मांग करें। लेकिन तब तक देर हो चुकी है।
इसलिए सबसे महत्वपूर्ण है कि आप गलती करने से पहले ही सतर्क रहें।
क्या करें अगर अकाउंट में पैसे अचानक आते हैं?
मान लीजिए आपके खाते में अचानक पैसे आते हैं। यह पैसा किसने भेजा, आप नहीं जानते। ऐसे में चिंता मत करो। और सबसे महत्वपूर्ण, UPI ऐप को तुरंत खोलकर पिन डालने की जल्दी न करें।
अगर कोई फोन करके बताता है कि पैसे गलती से ट्रांसफर हो गए हैं, तो उस पर तुरंत भरोसा मत करो। कॉल खोलें। बैंक के आधिकारिक नंबर पर व्यक्तिगत रूप से संपर्क करें। अगर आपको लगता है कि यह आवश्यक है, तो अपने बैंक ब्रांच से बात करें।
जब तक आप कोई रिक्वेस्ट मंजूर नहीं कर रहे हैं, आपको बस बैलेंस देखने के लिए पिन डालने की जरूरत नहीं होगी। हर बार पिन करते समय पूरी तरह से स्क्रीन पढ़ें। यह सुनिश्चित करें कि आप किसी पेमेंट रिक्वेस्ट को स्वीकार कर रहे हैं या नहीं।
बुजुर्गों और बच्चों को भी समझें
यदि घर में बुजुर्ग लोग या बच्चे मोबाइल इस्तेमाल करते हैं, तो इस स्कैम के बारे में भी उन्हें बताएं। बुजुर्ग लोग कभी-कभी कॉल पर भरोसा करते हैं। उन्हें लगता है कि कोई मदद मांग रहा है। वे बिना विचार किए पिन डालते हैं।
उन्हें स्पष्ट रूप से बताएं कि किसी को पिन नहीं बताना चाहिए। पिन करने से पहले स्क्रीन पर लिखा हुआ पढ़ें। अगर कुछ समझ में नहीं आता तो किसी विश्वसनीय व्यक्ति से पूछें।
डिजिटल सुरक्षा के कुछ सरल उपाय
मोबाइल पर मजबूत पासवर्ड हमेशा रखें। UPI पिन को किसी से साझा नहीं करें। अनजान फोन से दूर रहें। अगर कोई आपको जल्दी करने को कहे, तो और अधिक सावधान रहें।
बैंक कभी भी फोन पर OTP या पिन नहीं मांगता। और आप खुद जांच करें अगर कोई कहता है कि पैसे गलती से भेजे गए हैं। बिना जांच किए कोई कार्रवाई नहीं करें।
आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा सतर्कता है।
शिकायत कैसे प्रस्तुत करें?
यदि आपको लगता है कि आपको ठगी की गई है, तो तुरंत कार्रवाई करें। देर मत करो। आप अपने बैंक को तुरंत सूचना दें। राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन (NCSC) के 1930 नंबर पर संपर्क करें। आप भी ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं।
पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी जितनी जल्दी आप शिकायत करेंगे। हर मिनट मूल्यवान है।
वास्तविक बचाव समझदारी है
अब हम डिजिटल भुगतान कर सकते हैं। लेकिन इसके साथ दायित्व भी आता है। हमें सोच समझकर काम करना होगा। हर फोन पर भरोसा नहीं करना चाहिए। हर संदेश को वास्तविक नहीं मानें।
याद रखें, ठगों की चाल अब पहले से ज्यादा है। वे नए उपाय खोज रहे हैं। लेकिन वे हमें नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे अगर हम जागरूक रहेंगे।
अचानक अकाउंट में पैसे आने से आप खुश हो सकते हैं। लेकिन कभी-कभी यही खुशी बड़ी मुसीबत बन सकती है। इसलिए चुप रहो। सोचिए। परीक्षण करें। फिर कोई कार्रवाई करें।
थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बच सकती है। सुरक्षित रहना आज डिजिटल दुनिया में अनिवार्य है। सुरक्षित रहें, सतर्क रहें और दूसरों को जागरूक करें।