सोमवार, 26 जनवरी 2026 को भारत ने 77वां गणतंत्र दिवस गर्व से, उत्साह से और देशभक्ति से मनाया। राजधानी से गांवों तक तिरंगा दिखाई देता था। स्कूलों में बच्चों ने देशभक्ति गीत गाए, और हर जगह खुशी थी। यह दिन भारत के अलावा पूरी दुनिया के बड़े नेताओं ने बधाई संदेश भेजे।
दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों ने इस खास अवसर पर भारत के लोकतंत्र, विविधता और मजबूत मूल्यों की प्रशंसा की। भारत को रूस, चीन, भूटान और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी शुभकामनाएं दीं। इन संदेशों में शांति, दोस्ती और सहयोग का भाव स्पष्ट था। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि भारत आज विश्व भर में एक मजबूत और विश्वसनीय देश बन गया है।
77वें गणतंत्र दिवस पर भारत की प्रतिष्ठा
गणतंत्र दिवस देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है। इसी दिन भारत का संविधान जारी किया गया था। यह देश का संविधान है। 77 वर्षों के बाद भी यह संविधान भारत को एक साथ जोड़ता है। विभिन्न भाषा, धर्म और संस्कृति के लोग एक देश बन रहे हैं।
इस साल का गणतंत्र दिवस खास रहा क्योंकि पूरी दुनिया ने भारत की लोकतांत्रिक क्षमता को फिर से देखा। भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा गया है। भारत ने दिखाया है कि विविधता भी एकता का माध्यम हो सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को एक महत्वपूर्ण संदेश भेजा
भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक विशिष्ट संदेश जारी किया। उन्हें दिल से भारत सरकार और लोगों की बधाई मिली। Trump ने कहा कि अमेरिका के लोग भारत को शुभकामनाएं देते हैं।
उनका कहना था कि भारत-अमेरिका संबंध ऐतिहासिक हैं। ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र हैं, जिसमें गहरा संबंध है। साथ ही उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में दोनों देशों का विश्वास है, जो उन्हें एक दूसरे से करीब लाता है।
भारत-अमेरिका संबंधों पर ध्यान दें
डोनाल्ड ट्रंप के संदेश में सहयोग और मित्रता की भावना स्पष्ट थी। उनका कहना था कि भारत और यूएस मिलकर दुनिया की बड़ी चुनौतियों का सामना कर सकते हैं। दोनों देशों में शांति, सुरक्षा और विकास का संबंध है।
इस संदेश से भारत-अमेरिका के संबंध मजबूत होते हैं। हाल ही में दोनों देशों ने व्यापार, रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में अच्छी तरह से काम किया है। गणतंत्र दिवस पर भेजा गया यह संदेश इसी दोस्ती का प्रतीक है।
US विदेश मंत्री का बयान
भारत को भी अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बधाई दी। भारत और अमेरिका के बीच एक पुराना और मजबूत रिश्ता है, उन्होंने कहा। समय के साथ यह संबंध गहरा हुआ है।
उनका कहना था कि दोनों देशों की साझेदारी केवल दो देशों तक सीमित नहीं है। यह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की शांति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। साथ ही, यह साझेदारी विश्वव्यापी चुनौतियों से निपटने में भी मदद करती है।
रूस, चीन आदि को बधाई
रूस, चीन और अन्य देशों ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाएं दीं। इन संदेशों में भारत के लोकतंत्र, विविधता और संस्कृति की प्रशंसा की गई।
इन देशों ने मान लिया कि भारत आज वैश्विक स्तर पर एक शक्तिशाली पक्ष बन गया है। भारत की नीतियां और विचार विश्व को दिशा देते हैं।
भूटान से अनूदित शुभकामनाएं
भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग तोबगे ने भी गणतंत्र दिवस पर भारत को बधाई दी। उनका संदेश भावुक था। उनका कहना था कि भूटान इस खुशी के मौके पर भारत सरकार और उसके नागरिकों के साथ है।
उन्हें भारत की सुंदर यात्रा पसंद आई। उनका कहना था कि यह दिन उन मूल्यों को याद दिलाता है जो पीढ़ियों को प्रेरित करते हैं। यह भूटान और भारत के बीच मजबूत संबंधों को भी दिखाता है।
रूस ने कई भाषाओं में शुभकामनाएं दी
रूस के दूतावास ने भारत के गणतंत्र दिवस पर कई भाषाओं में शुभकामनाएं दीं। रूस के दूतावास ने कहा कि भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
उनका कहना था कि भारत एक ऐसा देश है जहां अतीत की समझ और भविष्य के सपने एक साथ जुड़े हुए हैं। रूस ने यह भी कहा कि भारत का गणतंत्र हर व्यक्ति की गरिमा मानता है। यह संदेश भारत के मूल सिद्धांतों को मानता है।
भारत-चीन संबंधों पर शी जिनपिंग का बयान
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी भारत को गणतंत्र दिवस की बधाई दी। चीन और भारत को उन्होंने अच्छे दोस्त, पड़ोसी और साझेदार बताया।
उनका कहना था कि भारत-चीन संबंध सुधर रहे हैं। यह बदलाव दोनों देशों और उनके नागरिकों के लिए अच्छा है। यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया सहयोग और शांति की आशा करती है।
भारत की विश्वव्यापी पहचान
इन संदेशों से स्पष्ट है कि भारत की विश्वव्यापी मान्यता लगातार मजबूत हो रही है। भारत को एक ईमानदार और विश्वसनीय देश माना जाता है। भारत की सबसे बड़ी ताकतें विकास, सहिष्णुता और लोकतंत्र हैं।
आज भारत अपने और दुनिया के हित में सोचता है। इसलिए बड़े देश भारत के साथ अपनी दोस्ती और साझेदारी बढ़ाना चाहते हैं।
युवा वर्ग के लिए संदेश
गणतंत्र दिवस पर ये संदेश बच्चों के लिए भी प्रेरणा हैं। ये भारत का उज्ज्वल भविष्य दिखाते हैं। भारत और आगे बढ़ेगा अगर नई पीढ़ी लोकतंत्र और संविधान को समझे।
सरलता से, दुनिया भारत पर भरोसा करती है। यह भरोसा हमें अधिक परिश्रम करने के लिए प्रेरित करता है।
उत्कर्ष
77वें गणतंत्र दिवस पर विभिन्न देशों से भारत को बधाई दी गई है। शी जिनपिंग से डोनाल्ड ट्रंप तक, सभी ने भारत के लोकतंत्र और मूल्यों की प्रशंसा की। यह दिन सिर्फ एक उत्सव नहीं था, बल्कि भारत की विश्वव्यापी शक्ति का प्रतीक था।
भारत आज गर्व से दुनिया के मंच पर अपनी जगह बना सकता है। भारत आने वाले सालों में और भी आगे बढ़ेगा। यह विश्वास 2026 में गणतंत्र दिवस पर मजबूत हुआ है।