जिस फिल्म के लिए कभी Shahrukh khan के पास नहीं था टाइम, उसी से की फिल्मी दुनिया में एंट्री

जिस फिल्म के लिए कभी Shahrukh khan के पास नहीं था टाइम, उसी से की फिल्मी दुनिया में एंट्री

साल 1992 में रिलीज फिल्म ‘दीवाना’ से Shahrukh khan ने हिंदी सिनेमा में कदम रखा था। आज वह ऊंचाई हासिल कर चुके हैं। उनके अलावा स्वर्गीय ऋषि कपूर और दिव्या भारती ने फिल्म में अहम भूमिकाएं निभाई थीं। इस फिल्म के निर्माण की प्रक्रिया को लेकर हमारे संवाददाता ने दीपेश पांडेय ने फिल्म के निर्माता गुड्डू धनोआ से खास बातचीत की आइए जानते हैं। इस खास बातचीत के कुछ रोचक किस्से।

फिल्म निर्माता ने बताया कि प्रोड्यूसर शबनम कपूर के कहने पर मैंने उनके साथ दक्षिण भारत में जाकर निर्देशक एस ए चंद्रशेखर की करीब 10 फिल्में देखीं। उसमें से हमें तमिल फिल्म ‘वसंत रागम’ काफी पसंद आई। वापस लौटने के कुछ दिनों बाद शबनम ने फोन करके इस फिल्म को हिंदी में बनाने की योजना मुझे बताई। उन दिनों मेरे पास ज्यादा काम नहीं था।

मैंने शबनम से कहा कि आप ‘इंसाफ की देवी’ और ‘बेगम साहिबा’ बना रही हैं, ये फिल्म मुझे बनाने दें। वह इसके लिए तैयार हो गई। फिर बतौर प्रोड्यूसर मैंने इसमें अपने दोस्त शबनम के पति ललित कपूर और राजू कोठारी को साथ लिया। पहले हम इस फिल्म को ऋषि कपूर, दिव्या भारती और अरमान कोहली के साथ बनाने वाले थे और निर्देशन के लिए हमने एस ए चंद्रशेखर को चुना था।

उन दिनों मैं अपने फुफेरे भाई धर्मेंद्र के बेटे बाबी देओल की लांच फिल्म ‘बरसात’ का प्रोडक्शन भी संभाल रहा था। उसी सिलसिले में मैं अक्सर संगीतकार नदीम-श्रवण को धर्मेंद्र भाई के घर बैठकों के लिए ले जाता था। एक दिन रास्ते में मैंने नदीम-श्रवण से अपनी फिल्म के बारे में बात की तो उन्होंने तुरंत स्वीकृति दे दी।

अरमान कोहली फिल्म ‘इंसाफ की देवी’ में भी काम कर रहे थे। उसी दौरान शबनम जी और अरमान के बीच कुछ अनबन हुई। शबनम के पति ललित मेरी फिल्म से जुड़े थे, इसलिए अरमान ने दोनों फिल्में छोड़ दी। उसके बाद मैंने शेखर कपूर (फिल्मकार) से फिल्म के हीरो के बारे में बात की।

उन्होंने मुझे Shah Rukh khan के नाम का सुझाव दिया। Shah Rukh उन दिनों दिल्ली में रहा करते थे। उन्हें फोन करके इस फिल्म के बारे में बताया तो उन्होंने हमें दिल्ली बुलाया। इसी बीच निर्देशक एस ए चंद्रशेखर ने भी इस फिल्म का निर्देशन करने में असमर्थता जता दी। मैंने और राज कंवर ने ‘घायल’ के सेट पर साथ काम किया था। मैंने उनसे इस फिल्म के निर्देशन के लिए लिए पूछा तो वह तुरंत राजी हो गए। बतौर निर्देशक उनकी भी ये पहली फिल्म थी।

इस लिए किया था इंकार

जब हम Shah Rukh से मिलने दिल्ली गए तो Shah Rukh ने डेट्स न होने का हवाला देते हुए फिल्म करने से इन्कार कर दिया। उनका जवाब सुनकर हम चौंक गए? उस समय उनके पास ‘राजू बन गया जेंटलमैन’, ‘दिल आशना है’, ‘चमत्कार’, ‘कभी हां कभी ना’ और राकेश रोशन की ‘किंग अंकल’ मिलाकर पांच फिल्में थीं।

फिर भी मेरे कहने पर उन्होंने कहानी सुनी। Shah Rukh ने कहा कि मुझे फिल्म की कहानी बहुत अच्छी लगी, लेकिन इसके लिए डेट्स मैं किसी दूसरी फिल्म की शूटिंग कैंसिल होने पर ही दे पाउंगा। हम इस पर राजी हो गए।

इस फिल्म के लिए उनकी स्वीकृति मिलने का दूसरा कारण ऋषि कपूर थे। Shah Rukh उनके बड़े प्रशंसक रहे हैं। हम फिल्म की तैयारिया कर रहे थे तभी Shah Rukh ने बताया कि ‘राजू बन गया जेंटलमैन’ का शूट कैंसिल हो गया है। 20-25 दिनों का वक्त है, क्या शूटिंग शुरू कर सकते हैं। हमने फटाफट सारी योजना तैयार की और शूटिंग शुरू हो गई। फिल्म का सबसे अंतिम शेड्यूल ‘ऐसी दीवानगी…’ गाने की शूटिंग का था, जिसे शिमला में फिल्माया जाना था।

इस गाने की शूटिंग से पहले ही फिल्म के अन्य गाने रिलीज हो चुके थे और सुपरहिट रहे। हम जब इस गाने की शूटिंग के लिए शिमला गए तो वहां की टैक्सियों में इस फिल्म के गाने खूब बज रहे थे। इस गाने की शूटिंग के दौरान दिव्या भारती को 104 डिग्री बुखार था। फिर भी उन्होंने हमें नुकसान से बचाने के लिए शूटिंग की। फिल्म की शूटिंग मुंबई, मैसूर, बेंगलुरु और शिमला में 60 दिनों के शेड्यूल में पूरी हुई थी।

संयोग देखिए, जिस फिल्म के लिए कभी Shah Rukh के पास डेट्स नहीं थीं। उनकी वही फिल्म सबसे पहले रिलीज हुई। इस फिल्म के बाद मैंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसके बाद मैंने कई हिट फिल्में बनाईं और निर्देशित भी कीं।